Angioplasty in Hindi: क्यों, कैसे करते हैं, खर्च और सावधानियां 

एंजियोप्लास्टी एक सामान्य लेकिन प्रभावी हृदय उपचार है, जो उन मरीजों के लिए किया जाता है जिनकी हृदय की धमनियाँ ब्लॉक हो जाती हैं, जैसे कि कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease) से पीड़ित लोग। यह समस्या सामान्यतः 40 वर्ष की आयु के बाद अधिक देखी जाती है, परन्तु आजकल के तनाव, अस्वस्थ जीवनशैली और डायबिटीज के होने कारण 30 वर्ष की उम्र के भी लोग प्रभावित हो रहे हैं। 

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 2 लाख से अधिक एंजियोप्लास्टी प्रक्रियाएं की जाती हैं। अगर आप Angioplasty को हिंदी में समझना चाहते हैं, तो यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे ब्लॉकेज को हटाकर हृदय तक रक्त प्रवाह सामान्य किया जाता है। 

इसलिए, एंजियोप्लास्टी को हृदय रोगियों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी उपचार माना जाता है, जो समय पर करने पर जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एंजियोप्लास्टी क्या है ?

Angioplasty in Hindi

एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) एक मेडिकल प्रक्रिया है जिसका उपयोग हृदय की रक्त नलिकाओं (arteries) में आई रुकावट को खोलने के लिए किया जाता है। जब किसी व्यक्ति की धमनियों में वसा, कोलेस्ट्रॉल या अन्य पदार्थ जमा हो जाते हैं, तो वह रक्त प्रवाह को बाधित करते हैं, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में एंजियोप्लास्टी एक जीवनरक्षक प्रक्रिया साबित हो सकती है।

इस प्रक्रिया में एक पतली ट्यूब (कैथेटर) के माध्यम से ब्लॉकेज वाली धमनी तक पहुंचा जाता है। ट्यूब के सिरे पर एक छोटा सा बैलून होता है जिसे ब्लॉकेज वाली जगह पर फुलाया जाता है ताकि रुकावट हटे और रक्त प्रवाह फिर से सामान्य हो सके। कई बार बैलून के साथ एक स्टेंट (धातु की जाली) भी लगाया जाता है जिससे धमनी खुली रहे।

Balloon Angioplasty , Angioplasty in Hindi,
Balloon Angioplasty

कोरोनरी एंजियोप्लास्टी खास तौर पर हृदय की कोरोनरी धमनियों के ब्लॉकेज को ठीक करने के लिए की जाती है। यह प्रक्रिया तब की जाती है जब मरीज को सीने में दर्द (एंजाइना), सांस लेने में तकलीफ या हार्ट अटैक की स्थिति हो। यह सर्जरी नहीं बल्कि एक मिनिमली इनवेसिव (कम चीरा वाली) तकनीक है जिसे कार्डियोलॉजिस्ट करते हैं।

इससे मरीज को तेज़ राहत मिलती है और हार्ट अटैक का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

एंजियोप्लास्टी के प्रकार – Types of Angioplasty in Hindi

हृदय एंजियोप्लास्टी के विविध प्रकार

एंजियोप्लास्टी एक ऐसी प्रक्रिया है जो रक्त धमनियों में ब्लॉकेज को खोलने के लिए की जाती है। इसके कई प्रकार होते हैं, जो ब्लॉकेज की स्थिति, स्थान और गंभीरता के अनुसार चुने जाते हैं। नीचे प्रमुख प्रकारों की जानकारी दी गई है:

यह सबसे सामान्य प्रकार हैं जिसका उपयोग एंजियोप्लास्टी में किया जाता हैं । इसमें एक पतली नली (कैथेटर) के सिरे पर छोटा बैलून होता है। जब यह ब्लॉकेज वाली जगह तक पहुंचता है, तो बैलून को फुलाया जाता है ताकि धमनी चौड़ी हो जाए और रक्त प्रवाह सुधर सके। इसके बाद बैलून को निकाल लिया जाता है।

इसमें Balloon Angioplasty के साथ एक धातु की जाली (स्टेंट) भी लगाई जाती है। स्टेंट को धमनी में छोड़ दिया जाता है ताकि वह खुली रहे और दोबारा ब्लॉकेज न हो। स्टेंट दवा-लेपित (drug-eluting) या सामान्य (bare-metal) हो सकता है।

इस प्रक्रिया में लेज़र तकनीक का इस्तेमाल कर ब्लॉकेज को वाष्प बनाकर हटाया जाता है। यह तब उपयोगी होती है जब ब्लॉकेज बहुत कठोर या जिद्दी हो और बैलून तकनीक पर्याप्त न हो।

यह तकनीक विशेष यंत्रों की मदद से ब्लॉकेज को शारीरिक रूप से काटकर या खुरचकर हटाने की प्रक्रिया है। यह अक्सर तब की जाती है जब धमनियों में कैल्सियम जमा हो गया हो और सामान्य एंजियोप्लास्टी पर्याप्त न हो।

कोरोनरी एंजियोप्लास्टी दिल की धमनियों में ब्लॉकेज हटाने के लिए की जाती है, जबकि पेरिफेरल एंजियोप्लास्टी हाथ, पैर या अन्य अंगों की धमनियों में रुकावट को दूर करने के लिए की जाती है।

एंजियोप्लास्टी कब की जाती है? 

Angioplasty Kab Ki Jaati Hai?

एंजियोप्लास्टी एक जीवनरक्षक प्रक्रिया है जो तब की जाती है जब हृदय की धमनियों (कोरोनरी आर्टरीज) में ब्लॉकेज आ जाता है और रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। यह ब्लॉकेज प्लाक (कोलेस्ट्रॉल, वसा, और अन्य तत्वों का जमाव) के कारण होता है, जो समय के साथ बढ़ता है और हार्ट अटैक या एंजाइना का खतरा बढ़ा देता है।

  • छाती में दर्द या दबाव (एंजाइना)
  • सांस लेने में तकलीफ
  • सीने से बाएं हाथ, जबड़े या पीठ में दर्द का फैलाव
  • अत्यधिक थकान बिना मेहनत के
  • पसीना आना, चक्कर आना या मतली

यह लक्षण दिल की धमनियों में रुकावट के संकेत हो सकते हैं और तुरंत जांच की आवश्यकता होती है।

  • जिन्हें बार-बार सीने में दर्द या सांस फूलने की समस्या हो
  • जिनकी एंजियोग्राफी में 70% या उससे अधिक ब्लॉकेज हो
  • जिनके लिए दवाइयां असरदार नहीं रही हों
  • जिन्हें हल्का या गंभीर हार्ट अटैक हो चुका हो

एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया

Angioplasty Kaise Ki Jaati Hai

एंजियोप्लास्टी हृदय रोग से पीड़ित मरीजों के लिए एक बहुत ही अहम और जीवनरक्षक प्रक्रिया है। यह उपचार उन मरीजों पर किया जाता है जिनकी हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज बन जाता है और रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य ब्लॉकेज हटाकर हृदय तक रक्त प्रवाह को सामान्य करना और हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों को रोकना होता है।

प्रक्रिया शुरू होने से पहले मरीज को कुछ खास तैयारियाँ करनी पड़ती हैं ताकि सर्जरी सफल और सुरक्षित हो सके।

  • जरूरी मेडिकल टेस्ट: सबसे पहले ब्लॉकेज की स्थिति और गंभीरता जानने के लिए एंजियोग्राफी की जाती है। साथ ही ब्लड शुगर, किडनी, कोलेस्ट्रॉल और CBC जैसे रक्त परीक्षण, ECG और 2D Echo जैसे हृदय संबंधी टेस्ट भी जरूरी होते हैं।
  • खाने-पीने की सावधानियाँ: आमतौर पर प्रक्रिया से 6–8 घंटे पहले उपवास रखना होता है। डॉक्टर मरीज को बताएंगे कि कब से खाना-पीना बंद करना है और किन चीजों से परहेज़ करना चाहिए।
  • दवाओं का समायोजन: यदि मरीज डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या खून पतला करने वाली दवाएँ ले रहा है तो डॉक्टर के निर्देश पर इन्हें अस्थायी रूप से बंद या जारी रखा जाता है।
  • अस्पताल में भर्ती: ज़्यादातर मामलों में मरीज को एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती किया जाता है ताकि सभी मेडिकल चेकअप और तैयारी पूरी की जा सके।

जब सभी तैयारियाँ पूरी हो जाती हैं, तब डॉक्टर एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया शुरू करते हैं।

  1. मरीज की तैयारी: सबसे पहले मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर लोकल एनेस्थीसिया दिया जाता है ताकि दर्द का अनुभव न हो।
  2. कैथेटर का प्रवेश: ग्रोइन या हाथ की धमनी से एक पतली ट्यूब (कैथेटर) डाली जाती है और धीरे-धीरे ब्लॉकेज वाली कोरोनरी आर्टरी तक पहुंचाई जाती है।
  3. ब्लॉकेज हटाना: कैथेटर के सिरे पर लगे छोटे बैलून को फुलाया जाता है जिससे ब्लॉकेज वाली जगह चौड़ी हो जाती है और खून का प्रवाह फिर से सामान्य होने लगता है।
  4. स्टेंट लगाना (यदि आवश्यक): बैलून निकालने के बाद धमनी को खुला रखने के लिए अक्सर स्टेंट लगाया जाता है, जो धमनियों की दीवारों को सपोर्ट देता है और भविष्य में ब्लॉकेज बनने का खतरा कम करता है।

प्रक्रिया के बाद सही देखभाल और जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी होते हैं ताकि मरीज जल्दी ठीक हो सके और दोबारा समस्या न हो।

  • फॉलो-अप और दवाइयाँ: डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएँ नियमित रूप से लेते रहना और समय-समय पर चेकअप करवाना जरूरी है ताकि हृदय लंबे समय तक स्वस्थ रह सके।हैं।
  • व्यायाम और शारीरिक गतिविधियाँ: ऑपरेशन के 7–10 दिन बाद हल्की वॉक शुरू की जा सकती है। लगभग 3–4 हफ्तों बाद डॉक्टर की सलाह से योग या हल्का एक्सरसाइज भी किया जा सकता है।
  • यात्रा से संबंधित सलाह: पूरी तरह रिकवरी होने तक लंबी यात्राओं से बचना चाहिए। हालांकि, सामान्य स्थिति में 2 हफ्ते बाद छोटी यात्रा की अनुमति मिल सकती है।
  • आहार पर ध्यान: मरीज को फल, हरी सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज और कम तेल-नमक वाला भोजन लेना चाहिए। तैलीय और प्रोसेस्ड फूड से परहेज़ करना बेहद ज़रूरी है।
  • बुरी आदतों से दूरी: धूम्रपान और शराब हृदय के लिए हानिकारक हैं, इन्हें पूरी तरह छोड़ना जरूरी है। तनाव कम करने के लिए ध्यान और रिलैक्सेशन तकनीकें अपनाई जा सकती हैं।
Coronary Artery Disease , Angioplasty in Hindi
Coronary Artery Disease

एंजियोप्लास्टी के जोखिम और जटिलताएं

Risk Factors of Angioplasty in Hindi

हालांकि एंजियोप्लास्टी एक सुरक्षित और आमतौर पर सफल होने वाली प्रक्रिया है, फिर भी इसमें कुछ संभावित जोखिम और जटिलताएं हो सकती हैं। इनकी जानकारी होना मरीज और उनके परिवार के लिए जरूरी है।

  • ब्लीडिंग: कैथेटर डालने वाली जगह पर सूजन या खून बहने की संभावना।
  • ब्लड क्लॉटिंग: स्टेंट के पास थक्का बनने से दोबारा ब्लॉकेज (स्टेंट थ्रॉम्बोसिस) का खतरा।
  • एलर्जी रिएक्शन: डाई या दवाओं से स्किन रैश, सांस लेने में तकलीफ, या ब्लड प्रेशर कम हो सकता है।
  • किडनी डैमेज: डाई के प्रभाव से कुछ मरीजों में किडनी पर असर, खासकर डायबिटीज या किडनी रोग वालों में।
  • डायबिटीज के मरीज: ब्लड शुगर का असंतुलन धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे स्टेंट फेल होने का खतरा बढ़ता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर (BP) वाले मरीज: तेज़ रक्त प्रवाह से स्टेंट के आसपास ब्लीडिंग या रेस्टेनोसिस की संभावना अधिक होती है।
  • हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग: धमनियों में प्लाक जमने की संभावना ज़्यादा होती है, जिससे बार-बार ब्लॉकेज हो सकता है।
  • 60 वर्ष से अधिक आयु के बुज़ुर्ग: उम्र बढ़ने के साथ धमनियाँ कम लचीलीं हो जाती हैं, जिससे रिकवरी धीमी और जटिलता अधिक हो सकती है।
  • जिन्हें पहले हार्ट अटैक आ चुका है: पहले से कमजोर हृदय प्रणाली में एंजियोप्लास्टी के बाद रिकवरी में जोखिम बढ़ जाता है।
  • क्रॉनिक किडनी डिज़ीज वाले मरीज:डाई और दवाओं का असर किडनी पर पड़ सकता है, जिससे जटिलताओं की आशंका बढ़ जाती है।
  • रेस्टेनोसिस (Restenosis): कुछ मामलों में स्टेंट डालने के बाद कुछ महीनों या वर्षों में ब्लॉकेज दोबारा हो सकता है, जिसे रेस्टेनोसिस कहा जाता है।
  • असमान जीवनशैली: धूम्रपान, अनहेल्दी डाइट और दवाओं की अनदेखी से स्टेंट की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
  • इन्फ्लेमेशन या एलर्जी: कभी-कभी शरीर स्टेंट को विदेशी वस्तु मानकर सूजन या एलर्जिक प्रतिक्रिया कर सकता है।
  • ब्लड क्लॉटिंग: स्टेंट के आसपास रक्त का थक्का जमने से रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है, जिससे स्टेंट फेल हो सकता है।
  • दोबारा ब्लॉकेज होने पर: अगर स्टेंट के बावजूद ब्लॉकेज दोबारा हो जाए, तो दोबारा एंजियोप्लास्टी की आवश्यकता हो सकती है।
  • स्टेंट थ्रोम्बोसिस की स्थिति में: अगर स्टेंट में थक्का बनता है, तो तुरंत रिइनफोर्समेंट या वैकल्पिक ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है।
  • गंभीर मामलों में बायपास सर्जरी: जब स्टेंट बार-बार फेल हो, या ब्लॉकेज कई जगहों पर हो, तब बायपास सर्जरी का विकल्प चुना जाता है।
  • समय-समय पर फॉलो-अप जरूरी: स्थिति की निगरानी और समय पर जांच (जैसे ईसीजी, एंजियोग्राफी) से आगे की समस्या रोकी जा सकती है।

भारत में एंजियोप्लास्टी की लागत

Angioplasty In Hindi

भारत में एंजियोप्लास्टी की लागत कई कारकों पर निर्भर करती है जैसे अस्पताल का प्रकार, शहर और स्टेंट की गुणवत्ता। प्राइवेट अस्पतालों में इसकी कीमत आमतौर पर ₹1.5 लाख से ₹7.5 लाख तक होती है, जबकि सरकारी अस्पतालों में यह ₹30,000 से ₹80,000 के बीच हो सकती है। 

मेट्रो शहरों (दिल्ली, मुंबई) में यह प्रक्रिया टियर-2 शहरों की तुलना में महंगी होती है। अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस है, तो एंजियोप्लास्टी का खर्च आंशिक या पूरी तरह कवर हो सकता है खासकर कैशलेस क्लेम में। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना जैसी सरकारी योजनाएं पात्र मरीजों को ₹5 लाख तक का इलाज मुफ्त में उपलब्ध कराती हैं। 

कुछ राज्य सरकारें भी अपनी हेल्थ स्कीम्स जैसे चिरंजीवी योजना या महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत एंजियोप्लास्टी को कवर करती हैं, जिससे आम लोगों के लिए यह जीवनरक्षक प्रक्रिया और भी सुलभ हो जाती है।

एंजियोप्लास्टी और एंजियोग्राफी में अंतर

Angiography vs Angioplasty In Hindi

एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी, दोनों ही दिल की बीमारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मेडिकल प्रोसीजर्स हैं, लेकिन इनका उद्देश्य और प्रक्रिया अलग होती है। अक्सर मरीज इन दोनों प्रक्रियाओं को लेकर भ्रमित रहते हैं। 

एंजियोग्राफी एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है जो यह जांचने के लिए किया जाता है कि धमनियों में ब्लॉकेज है या नहीं, जबकि एंजियोप्लास्टी एक ट्रीटमेंट प्रोसीजर है जिसमें ब्लॉकेज को हटाकर रक्त प्रवाह को सामान्य किया जाता है। 

पहलूएंजियोग्राफी (Angiography)एंजियोप्लास्टी (Angioplasty)
परिभाषायह एक डायग्नोस्टिक प्रक्रिया है जो धमनियों में ब्लॉकेज की जांच करती है।यह एक उपचार प्रक्रिया है जिसमें ब्लॉकेज को हटाया जाता है।
उद्देश्यकेवल पता लगाना कि ब्लॉकेज है या नहीं।ब्लॉकेज को खोलना और रक्त प्रवाह को सामान्य करना।
प्रक्रियाडाई डालकर एक्स-रे से धमनियों की स्थिति देखी जाती है।बैलून और स्टेंट की मदद से ब्लॉकेज को खोला जाता है।
समयआमतौर पर 15-30 मिनट में पूरी हो जाती है।लगभग 30 मिनट से 1 घंटे तक का समय लग सकता है।
रिकवरीजल्दी रिकवरी, अधिकतर मरीज उसी दिन घर जा सकते हैं।थोड़ी अधिक रिकवरी, मरीज को 1-2 दिन अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
उपयोगजब लक्षणों के कारण ब्लॉकेज की पुष्टि करनी हो।जब एंजियोग्राफी में ब्लॉकेज की पुष्टि हो चुकी हो।
आम भ्रांतिलोग इसे इलाज समझ लेते हैं।इसे जांच समझ लेते हैं, जबकि ये उपचार है।

एंजियोप्लास्टी के फायदे

Benefits of Angioplasty in Hindi

एंजियोप्लास्टी हृदय रोग के उपचार में एक क्रांतिकारी तकनीक मानी जाती है, जो ना केवल मरीज की जान बचाने में मदद करती है बल्कि उसकी दैनिक जीवनशैली को बेहतर बनाने में भी सहायक होती है।

  • हार्ट अटैक से बचाव: समय रहते ब्लॉकेज हटाकर भविष्य में हार्ट अटैक के खतरे को कम किया जा सकता है।
  • ब्लड फ्लो में सुधार: संकरी धमनियों को खोलकर हृदय तक पर्याप्त रक्त प्रवाह सुनिश्चित किया जाता है।
  • सीने के दर्द और सांस फूलने में राहत: एंजाइना और सांस की दिक्कतें कम हो जाती हैं, जिससे जीवनशैली में सुधार आता है।
  • बिना ओपन हार्ट सर्जरी के इलाज: यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिससे रिकवरी जल्दी होती है और जोखिम भी कम रहता है।
  • तेज़ रिकवरी और कम अस्पताल में रहना: अधिकतर मरीज कुछ ही दिनों में सामान्य दिनचर्या शुरू कर सकते हैं।
  • लंबे समय तक प्रभावी: स्टेंटिंग से ब्लॉकेज दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है, जिससे परिणाम लंबे समय तक बने रहते हैं।

निष्कर्ष

Angioplasty in Hindi

एंजियोप्लास्टी हृदय रोग के उपचार में एक प्रभावी प्रक्रिया है, जो रक्त प्रवाह को सुधारने के लिए ब्लॉकेज को हटाती है। यह प्रक्रिया मरीज को बेहतर जीवन गुणवत्ता देने में मदद करती है।

हालांकि, यह जरूरी है कि एंजियोप्लास्टी के बाद सही जीवनशैली अपनाई जाए, जैसे कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लेना। इसके साथ-साथ, हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए समय-समय पर जांच भी करानी चाहिए। 

एंजियोप्लास्टी के द्वारा समस्याओं का समाधान तो मिलता है, लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक करने के लिए जीवनशैली में सुधार करना आवश्यक है। इससे भविष्य में हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FAQs: Angioplasty in Hindi

  • एंजियोप्लास्टी की आवश्यकता क्यों होती है?

    जब धमनियों में रक्त का प्रवाह रुकता है या धीमा हो जाता है, तो हृदय में रक्त की आपूर्ति प्रभावित होती है। एंजियोप्लास्टी रक्त प्रवाह को सामान्य करने के लिए की जाती है, जिससे दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल सके।

  •  एंजियोप्लास्टी के दौरान क्या होता है?

    एंजियोप्लास्टी के दौरान, डॉक्टर एक पतली ट्यूब (कैथेटर) को रक्त वाहिका के माध्यम से दिल तक पहुँचाते हैं और वहां एक बलून के द्वारा अवरोध को खोलते हैं, जिससे रक्त प्रवाह सामान्य होता है।

  • एंजियोप्लास्टी के क्या खतरे हैं?

    एंजियोप्लास्टी में रक्तस्राव, संक्रमण, दिल का दौरा, स्टेंट का ठीक से काम न करना या रक्त वाहिका में फिर से अवरोध उत्पन्न होने जैसे कुछ खतरे हो सकते हैं, लेकिन ये दुर्लभ होते हैं।

  • एंजियोप्लास्टी से कितनी देर में ठीक हो जाता है?

    एंजियोप्लास्टी के बाद अधिकांश मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं। हालांकि, पूर्ण रिकवरी में कुछ सप्ताह लग सकते हैं। डॉक्टर से परामर्श लेना और ठीक से देखभाल करना आवश्यक होता है।

  • एंजियोप्लास्टी के बाद कौन सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

    एंजियोप्लास्टी के बाद मरीज को शराब, धूम्रपान से बचना चाहिए, संतुलित आहार लेना चाहिए और नियमित व्यायाम करना चाहिए। डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है।

  • क्या एंजियोप्लास्टी के बाद जीवनभर दवा लेनी पड़ती है?

    एंजियोप्लास्टी के बाद मरीज को ब्लड थिनर और हृदय संबंधी दवाएं लंबे समय तक लेनी पड़ सकती हैं। स्टेंट में ब्लॉकेज दोबारा न हो, इसके लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित दवा लेना जरूरी होता है।

  • क्या एंजियोप्लास्टी के बाद फिर से ब्लॉकेज हो सकता है?

    हां, अगर जीवनशैली में सुधार न किया जाए तो स्टेंट के बाद भी ब्लॉकेज दोबारा हो सकता है। इसलिए संतुलित आहार, व्यायाम और डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित जांच बेहद जरूरी मानी जाती है।

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